प्रदीप मिश्रा जी के भजन लिरिक्स
भोले बाबा तेरी नौकरी सबसे बढ़िया है सबसे खरी लिरिक्स
सुन भोले त्रिपुरारी द्वार तेरे आया हूं लिरिक्स
बड़ा है दयालु भोलेनाथ डमरू वाला लिरिक्स
डमरू वाले आजा तेरी याद सताए लिरिक्स
भगवान तुम्हारे चरणों में मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ लिरिक्स
मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है लिरिक्स
भर दिया भण्डार काशी वाले ने लिरिक्स
अब दया करो हे भोलेनाथ मस्त रहूं तेरी मस्ती में लिरिक्स
शंभू शरणे पड़ी मांगू घड़ी रे घड़ी दुख काटो लिरिक्स
तेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूं लिरिक्स
दिल तुझको दिया ओ भोले नाथ लिरिक्स
कब से खड़े है झोली पसार क्यों ना सुने तु मेरी पुकार लिरिक्स
शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा लिरिक्स
प्रभु हम भी शरणागत हैं स्वीकार करो तो जाने लिरिक्स
सुन भक्तों की पुकार होके नंदी पे सवार लिरिक्स
पुजारी खोल जरा पट द्वार लिरिक्स
1. आ जाओ मोहन बाबा हम तुम्हें पुकारते लिरिक्स
आ जाओ मोहन बाबा हम तुम्हें पुकारते
ओ खोली वाले बाबा तेरी राह निहारते॥
तेरे दर पे ओ बाबा जी आये सवाली हैं आये सवाली हैं
भक्तों का अपने बाबा तू ही रखवाली हैं तू ही रखवाली हैं
संकट काटो ओ बाबा हम तुम्हें पुकारते…
तेरी दौज पै ओ बाबा जी करते भंडारा हैं करते भंडारा हैं
नीले घोड़े पै जब आवैं तू लागै प्यारा है तू लागै प्यारा है
आकर कै भोग लगाओ हम तुम्हें पुकारते…
जब जब तेरे भक्तों पै कोई संकट आता है कोई संकट आता है
संकट को दूर भगाने तू दौड़ा आता है तू दौड़ा आता है
तेरे भगत ने गद्दी लगाई मिलकै तुम्हें पुकारते…
मत देर लगाओ बाबा अब जल्दी आ जाओ अब जल्दी आ जाओ
तुम धाम मिलकपुर का बाबा जयकारा लगा जाओ जयकारा लगा जाओ
अमित शर्मा दर्श का प्यासा तू इसको तार दें……
2. आ जाओ मोहन बाबा हम तुम्हें पुकारते लिरिक्स
आ जाओ मोहन बाबा हम तुम्हें पुकारते
ओ खोली वाले बाबा तेरी राह निहारते॥
तेरे दर पे ओ बाबा जी आये सवाली हैं आये सवाली हैं
भक्तों का अपने बाबा तू ही रखवाली हैं तू ही रखवाली हैं
संकट काटो ओ बाबा हम तुम्हें पुकारते…
तेरी दौज पै ओ बाबा जी करते भंडारा हैं करते भंडारा हैं
नीले घोड़े पै जब आवैं तू लागै प्यारा है तू लागै प्यारा है
आकर कै भोग लगाओ हम तुम्हें पुकारते…
जब जब तेरे भक्तों पै कोई संकट आता है कोई संकट आता है
संकट को दूर भगाने तू दौड़ा आता है तू दौड़ा आता है
तेरे भगत ने गद्दी लगाई मिलकै तुम्हें पुकारते…
मत देर लगाओ बाबा अब जल्दी आ जाओ अब जल्दी आ जाओ
तुम धाम मिलकपुर का बाबा जयकारा लगा जाओ जयकारा लगा जाओ
अमित शर्मा दर्श का प्यासा तू इसको तार दें……
3 बाबा जी खोलीवाला मनमोहन भोला भाला लिरिक्स
बाबा जी खोलीवाला मनमोहन भोला भाला,
मैं तो हुई रै कुर्बान देखी है जबसे शान,
पर्वत के ऊपर डोले बालक का रूप धरके
धीरे धीरे मुसकाये आखों मैं प्यार भर के
मैं तू दीवानी हो गयी पीछा छूटेगा मर के
सूरत थी भोली भोली कोयल सी मीठी बोली
मार गयी मुसकान देखी है जबसे शान
छोटी छोटी थी गैया छोटी सी लाठी पटके
छोटे छोटे थे संग में सारे वो ग्वाले हटके
छोटी सी बजा मुरलीया नाचे कूदे और मटके
लटकै थी लटा सुनहरी पीपल की छाया गहरी
तोड़ रहे थे तान देखी है जबसे शान
मोटे मोटे थे नैन जिनमे काजल का डोरा
पीताम्बर ओढ़ रखा था श्यामल सा गात किशोरा
तिरछी थी नजर ये प्यारी लेवै था गात हिलोरा
छोरा वो नन्द का लाला बन आया खोलीवाला
खुद कृष्ण भगवन देखी है जबसे शान
मैं तो रह गयी देखती बाबा की अदभुत माया
दासी को दर्श दिखाए पुलकित हो गयी थी काया
रटता हरेराम बैसले प्रियंका भजन सुनाये
आया दो दिन को प्राणी बन्दे तजदे नादानी
धर बाबा का ध्यान देखी है जबसे शान
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nvn1989
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